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Sci fi story Quatum world

 Hello रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे मतलब sci fi दुनिया में तो चलो शुरू करते हैं आज का डायलॉग। यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया। उम्मीद करता हूं यह story आपको पसंद आएगी। 







इस कहानी में आपको क्वांटम वर्ल्ड के बारे में पता चलेगा आखिर क्वांटम वर्ल्ड होता क्या है और इस पर भौतिकी के नियम लागू होते हैं या नहीं तो यह कहानी शुरू होती है एक हेरीटेज नामक स्कूल से जो की बेंगलुरु में है उस स्कूल में बहुत  सारे बच्चे पढ़ते हैं उसी स्कूल में एक लूनर नाम का लड़का भी आठवीं क्लास में पढता है। 

लूनर को बचपन से ही नई नई चीजों को जानना अच्छा लगता था ऐसे ही वह एक बार अपने मोबाइल में कोई वीडियो देख रहा था तो उसके मोबाइल पर एक वीडियो का मैसेज आता है लूनर उस वीडियो को खोलता है तो उसे वीडियो में क्वांटम फिजिक्स के बारे में पता चलता है 





पहले तो उसको कुछ समझ नहीं आता है उसने बहुत समझने का प्रयास किया लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था। अगले दिन वह अपने स्कूल जाता है तो अपने स्कूल के सबसे बड़े प्रोफेसर थॉमस से पूछता है प्रोफ़ेसर क्वांटम क्या होता है और क्वांटम वर्ल्ड क्या होता है। प्रोफेसर बोले तुम्हें कौन बताया इसके बारे में लूनर बोलता है मुझे मोबाइल से पता चला है

 क्या आप मुझे अच्छे से समझा सकते हैं क्वांटम वर्ल्ड होता क्या है प्रोफेसर बोलें यह तो बहुत आगे की चीज है लेकिन तुमको मैं बता देता हूं आओ बैठो और ध्यान से मेरी बातों को सुनना लूनर क्वांटम वर्ल्ड भी हमारा ही दुनिया है लेकिन सूक्ष्म लेवल पर मतलब कोई भी चीज छोटे से छोटे कण से बनी है जिसे हम परमाणु कहते हैं वही छोटे-छोटे पार्टिकल्स की दुनिया है

 हमारे इस फिजिकल वर्ल्ड में भौतिकी के सारे नियम काम करते हैं लेकिन क्वांटम वर्ल्ड में भौतिकी के नियम लागू नहीं होते हैं क्वांटम थिअरी में एक चीज और है जिसे हम क्वांटम एंटेंगलमेंट कहते हैं क्वांटम एंटेंगलमेंट हमें बताती है हर चीज एक दूसरे से जुड़ी हुई है जैसे मान लो दो आदमी है ए और बी ए इस स्कूल में है और बी यहां से बहुत दूर है

 लेकिन जो ए करेगा वैसे ही बी करेगा मतलब वो एक दूसरे से जुड़े हैं लेकिन क्वांटम दुनिया में वहीं पर हमारे फिजिकल दुनिया में यह सब नहीं होता और सुनो क्वांटम थिअरी हमें यह भी बताती हैं  हर चीज वेब के रूप में है कोई भी चीज ठोस नहीं है यह तुम पर निर्भर करता है तुम किस रूप में उसको देखते हो जैसे अभी तुम यहां पर हो इस स्कूल में और क्या तुम बता सकते हो तुम्हारा घर किस रूप में होगा लूनर कहता है 




हां मेरा घर एक ठोस के रूप में होगा नहीं वह भी वेब की रूप में होगा नहीं समझे चलो फिर समझ हूं देखो लूनर जो हमारी चेतना है और हमारे विचार वह उसको आकार देते हैं जैसे हमारे मन में है कि अगर वह चीज ठोस है तो ठोस ही दिखेगी। मतलब जब कोई observer उसे देखता है तो वही रूप में दिखती है 

लेकिन जब कोई वहां नहीं रहता तू वह वेब के फॉर्म में हो जाती है और यह जो चेतना है वह हमारी आत्मा है आज साइंस भी विश्वास करता है हमारे शरीर में आत्मा है लूनर पूछता है सर तो क्या क्वांटम वर्ल्ड में समय का अस्तित्व है प्रोफेसर बोले नहीं क्वांटम वर्ल्ड में समय का कोई अस्तित्व नहीं है लेकिन हमारी दुनिया में समय का अस्तित्व है और हमें लगता है 

समय आगे की ओर चल रहा है अब देखो हम समय को कैसे महसूस करते हैं मानो तुम्हारा जन्म हुआ तुम थोड़ा बड़े हुए पढ़ने गए अपने पढ़ाई पूरी करके तुमको नौकरी मिल गई तुम पैसा कमाने लगे तुम्हारी शादी हो गई तुम्हारे बच्चे हो गए और तुम तो बूढ़े हो गए मर गए। हम लोग समय को ऐसे ही महसूस करते हैं और हमें लगता है समय निरंतर आगे की तरफ चल रहा है और हम समय के साथ चल रहे हैं लेकिन क्वांटम थिअरी हमें कहती है

 समय का कुछ अस्तित्व ही नहीं है समय मतलब कुछ नहीं अगर तुम क्वांटम वर्ल्ड में देखोगे तो तुम्हें पता चलेगा पहले तुमने शादी की तब तुम पढ़ने गए तुम्हारे बच्चे हुए और तब तुम्हारा जन्म हुआ उसके बाद तुम मर गए कुछ ऐसे ही होता है क्वांटम वर्ल्ड में उसके बाद प्रोफेसर लूनर से पूछते हैं तुम समानांतर ब्रह्मांड के बारे में जानते हो यह क्या होता है सर मैं इसके बारे में नहीं जानता प्रोफेसर बोले चलो

 मैं इसके बारे में बता देता हूं समानांतर ब्रह्मांड की थिअरी क्वांटम से ही आई है मेरी बातों को गौर से सुनना हमारी दुनिया में हम एक समय पर एक काम को ही कर सकते हैं या यूं कहे तो अगर मैं पढ़ रहा हूं पढ़ता रहूंगा सोऊंगा नहीं क्योंकि मैं एक ही हूं और एक समय पर ही काम कर सकता हूं इस दुनिया में हम जो सोच रहे हैं वह किसी और ब्रह्मांड में घटित हो रहा है

 जैसे मैं सोच रहा हूं कि मैं  अमीर आदमी बनूंगा लेकिन किसी और दुनिया में मैं अमीर आदमी बन चुका हूं यही है यही है समानांतर ब्रह्मांड अगर मैं तुमको एक रूम में बंद कर दो और उसमें जहरीली गैस छोड़ दूं तो तुम्हारे साथ दो ही घटना घटेगी या तुम बच जाओगे नहीं तो मर जाओगे दोनों में से एक ही कोई केस होगा पर क्वांटम वर्ल्ड में इसके जस्ट उल्टा होगा

 मतलब जब मैं रूम को खोलूंगा तो तुम मरे भी रहोगे और जिंदा भी रहोगे मतलब एक समय पर तुम जिंदा भी रहो रहोगे और एक समय पर तुम मरे भी रहोगे अच्छा प्रोफेसर आप हमें यह बताइए क्या इस क्वांटम वर्ल्ड में जाने के लिए कोई तरीका है या इस समानांतर ब्रह्मांड में हां एक रास्ता है लेकिन उसे पूरा करना अब इंसानों की बस में नहीं है इसके लिए इंसानों को और विकास करना होगा

 अभी तुम अपने क्लास में जाओ कभी मैं तुमको इसके बारे में अच्छे से बता दूंगा लूनर अपने क्लास में चला गया लेकिन उसका मन तो यही सोचने में लगा था आखिर वह क्या रास्ता है जिससे हम समानांतर ब्रह्मांड में जा सके जब शाम हो जाती है लूनर साइंस लैब में जाता है और वहां पर एक माइक्रोस्कोप रखा था 

पहले तो लूनर को माइक्रोस्कोप यूज करना नहीं आता था लेकिन बीते कुछ दिनों में बहुत थोड़ा बहुत उसका उपयोग करना सीख गया था वह कागज को टेलीस्कोप से देखना चाहता था इसीलिए वह कागज के टुकड़े को लेता है और टेलिस्कोप से देखने लगता है पहले तो उसे ठीक से समझ नहीं आया 

लेकिन कुछ समय बाद वह देखता है यह कागज तो बहुत छोटे पार्टिकल्स से बना है मतलब प्रोफेसर भी इसी को क्वांटम की दुनिया कर रहे थे जहां पर किसी वस्तु का सूक्ष्म रूप हो यह क्वांटम वर्ल्ड हमारी ही दुनिया है लेकिन छोटे कणों में शायद अब जाकर लूनर को समझ आ रहा था अगर मैं कहूं यह क्वांटम ही है जो हमारे दुनिया को समझने में मदद करती हैं। लूनर भी मन ही मन सोचता है अगर मैं क्वांटम वर्ल्ड में चला जाऊं तो साफ-साफ क्लियर हो जाएगा आखिर रहस्य क्या है ठीक 10 साल बाद लूनर 24 साल का हो जाता है इस समय लूनर क्वांटम phisict है ऐसी क्या घटना घटी जिसके कारण आज लूनर क्वांटम phisict है जानेंगे किसी इसके पार्ट 2 में तब तक के लिए अलविदा









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