Helllllllllllllo देखा जाए तो आज का समय बहुत विचित्र है।सबसे विचित्र हैं यह इंसान। इंसानों ने मिलकर बहुत प्रगति किया।आज का इंसान चांद पर कदम रख चुका है। अपने सौरमंडल में सारे ग्रह को जान चुका है। सूर्य के बारे में जान चुका है।इंसानों ने मिलकर कितने satellites बनाए।अपनी दुनिया को बहुत हद तक समझा है।लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि?इंसान आज तक अपने आप को नहीं समझ पाए। मानव जाति को यह भी नहीं पता है कि वह आखिर आए तो कहां से आए?चलिए इसे examples through समझते हैं।मैं अपने आपको ही ले लेता हूं। मेरा जन्म हुआ लेकिन मेरा नाम किसी और ने रखा।जब मैं बड़ा हुआ तो सोचा मेरा अस्तित्व क्या है?मेरा आरंभ क्या और अंत क्या है?शायद दुनिया कोई इंसान नहीं जानता होगा कि उसका अस्तित्व क्या है?क्या आपने कभी सोचा है कि आपका इस दुनिया में क्या है?मेरे ख्याल से दुनिया का हर एक जीव वह खुद नहीं जानता कि वह कौन है?अगर मैं कहूं कि आप हो ही ना तो आपको क्या लगेगा?आप एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जो केवल एक भ्रम है।असल में जो यहां दिख रहा है, वह हो ही नहीं रहा है और जो हो रहा है वह दिख ही नहीं रहा है।...
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