Hello रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे मतलब sci fi दुनिया में तो चलो शुरू करते हैं आज का डायलॉग। यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया। उम्मीद करता हूं यह story आपको पसंद आएगी।
यह कहानी शुरू होती है सन् 2100 में इस सदी में मनुष्य बहुत काफी बदल चुका है और बदलने के साथ-साथ काफी एडवांस हो चुका है उसका बीता हुआ कल और आने वाला कल दोनों उसके हाथ में है वह जब चाहे भूतकाल में और जब चाहे भविष्य में आ जा सकता है
पिछले 100 सालों में इंसानों ने सूर्य की ऊर्जा का इतना उपयोग किया है उतना तो उपयोग आज से 10 करोड़ साल पहले भी नहीं हुआ था। इसी के कारण हमारा सूरज भी प्रभावित हो रहा है 10 मार्च 2100 जापान के एक साइंटिस्ट ने दावा किया कि हमारे सूर्य का प्रकाश कम हो रहा है
इस साइंटिस्ट का नाम है सोंगी तो सोंगी ने अपने रिसर्च में बताया की सूर्य पहले जितना उर्जा नहीं दे पा रहा है इस बात को सुनते ही बहुत देश के साइंटिस्ट को विश्वास नहीं हुआ तो साइंटिस्टो ने मिलकर रिसर्च किया तो पाया सच में सूर्य का ऊर्जा कम हो रहा है इसके पीछे क्या कारण है साइंटिस्ट समझ नहीं पाए उन्हें लगा कि शायद यह हम लोगों का नतीजा है इसलिए सूरज अपना इंधन खो रहा है
हम लोग ने हीं इसका सबसे अधिक मात्रा में उपयोग किया है ऐसा बहुत सारे साइंटिस्ट सोच रहे थे उन्हीं साइंटिस्टो के बीच एक और साइंटिस्ट था। जिसका नाम ब्रेल था। ब्रेल को यह बात हजम नहीं हुई की केवल हम लोग सूर्य की उर्जा का इतना उपयोग कर रहे हैं जिससे सूर्य की ऊर्जा कम हो रही है इसलिए वह अपने अल्ट्रासोनिक स्पेसशिप को सोचता है
भेजने के लिए सूर्य के पास यह स्पेस शिप सूर्य से 15 लाख किलोमीटर के दायरे में रहेगा तो पिघले गा नहीं स्पेसशिप सूर्य का एक चक्कर लगाकर फिर वापस आ जाएगा ब्रेल आज सुबह ही इसको लांच करेगा सुबह होती है ब्रेल स्पेसशिप को उड़ान पर भेज देता है 10 घंटे बाद वह स्पेसशिप पहुंच गई
अपनी मंजिल पर वह सूर्य से मात्र 1500000 किलोमीटर दूर थी ताकि सूर्य से आने वाले खतरनाक रेडिएशन सोलर विंड से बचा रहा है वह सूर्य की अलग अलग एंगल पर तस्वीर लेता है यहां ब्रेल वहीं से अपने स्पेसशिप को कंट्रोल कर रहा था। ब्रेल ने कमांड दिया
अपने स्पेसशिप को सूर्य का एक चक्कर लगाने के लिए स्पेसशिप ने ठीक ऐसा ही किया वह सूर्य का चक्कर लगाना शुरू कर दिया कुछ समय बाद जब वह सूर्य का जो पीछे का भाग है उधर गया तब स्पेसशिप में हैकिंग का मैसेज आया और उसका सारा सिस्टम धीरे धीरे कमजोर पड़ रहा था और तभी स्पेसशिप मुझे मैसेज किया
ब्रेल के पास ब्रेल ने यह सब देख कर स्पेसशिप को कमांड दिया जल्दी से बाहर लौट आओ स्पेसशिप ने तुरंत वहां से उड़ान भरी करीब करीब 1 दिन बीत गए स्पेसशिप नहीं आया ब्रेल ने उससे कांटेक्ट करने की कोशिश की लेकिन कांटेक्ट नहीं हो पाया
कुछ समय बाद ब्रेल के कंप्यूटर पर कुछ फोटो और वीडियो आया यह वही फोटो और वीडियो है जोकि स्पेसशिप ने लिया था ब्रेल फोटो को ध्यान से देखने लगा वह देख पा रहा था कैसे स्पेस शिप इतने करीब जाकर भी सुरक्षित रहा लेकिन सूर्य के पीछे क्या है तभी उसको याद आया एक वीडियो भी स्पेसशिप भेजी है उस वीडियो को चेक किया
उसमें सूर्य से निकलने वाले भीषण तूफान को देख पा रहा था जब स्पेसशिप सूर्य का चक्कर लगाने लगा तो लगाते हुए सूर्य पीछे गया तब उस पर हैकिंग का मैसेज आया और स्पेसशिप को कोई पीछे की ओर खींचा रहा था बस यही तक वीडियो था ब्रेल समझ गया सूर्य के पीछे एक छोटा सा ब्लैक होल है जो सूर्य की ऊर्जा को खींच रहा है उसने कुछ मैथ कैलकुलेशन की तब उसे पता चला या ब्लैक होल लगभग 10 मीटर का है
या तो बहुत चिंता का विषय है अगर इसे नहीं रोका गया सूर्य अपना सारा इंधन खो देगा और कब होगा सूर्य का अंत एक धमाके के साथ वह यह खबर सारे साइंटिस्ट के पास भेज देता है की सूर्य के पीछे ब्लैक हो जाए वही सूर्य की ऊर्जा को समाप्त कर रहा है धीरे-धीरे पहले तो किसी ने विश्वास नहीं किया क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो निश्चित ही मानव जाति का अंत होगा
ब्रेल ने उस वीडियो को सब के पास भेज दिया और बोला लो तुम ही देख लो सब साइंटिस्ट अचंभे में पड़ गए आखिर यह ब्लैक होल आया कहां से अगर यह ब्लैक होल 10 मीटर का है आने वाले कुछ सौ सालों में सूर्य अपना सारा इंधन खो देगा। यह खबर आम जनता में फैलाने की नहीं सोची गई। सभी देश की सरकार ने आदेश दिया सभी साइंटिस्ट को इससे बचने का जल्द से जल्द उपाय निकाला जाए
सभी साइंटिस्ट बोले हमें दूसरे किसी ग्रह पर जाना होगा तभी हम लोग बच सकते हैं जब जापान के सरकार को पता चला कि ब्रेल ने हमें इसके बारे में बताया है वह उसे बुलाते हैं और कहते हैं ब्रेल तुम्हें इसके बारे में कुछ कर सकते हो ब्रेल ने कहा मुझे कुछ दिनों का वक्त चाहिए तभी मैं आपको कुछ बता सकता हूं। ब्रेल को एक रिसर्च लैब दी गई। सबसे पहले जापान के साइंटिस्ट सोंगी नहीं बताया था सूर्य की ऊर्जा कमी आ रही है
एक दिन सोंगी ब्रेल से मिलने आया ब्रेल ने पूछा आपने कैसे पता लगाया सूर्य की ऊर्जा में कमी आ रही है सोंगी ने जवाब दिया मैं बहुत सालों से सूर्य पहले रिसर्च कर रहा था सांगी ने पूछा क्या तुम्हारे पास इस ब्लैक होल से बचने का तरीका है ब्रेल ने कहा अभी नहीं लेकिन मैं कोई न कोई तरीका जरूर निकाल लूंगा
सॉन्ग बोला मेरे पास एक तरीका है लेकिन वह तरीका पूरा होगा या नहीं होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है या फिर यह तरीका इस ब्रह्माड में होगा भी या नहीं होगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है ब्रेल ने कहा ऐसा कौन सा तरीका है टाइप टू सिविलाइजेशन को हमें खोजना होगा वही हमारी मदद कर सकते हैं ऐसा सोंगी बोलता है
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