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Sci fi story in hindi

 Hello , रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे , चौक गए अरे चौको मत तो शुरु करते है आज का डायलॉग यह साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है यह आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया है 

Sci fi story in hindi







यह कहानी शुरु होती है एक हारडी नाम के बच्चे से हारडी अभी 13 साल का है लेकिन उसको बचपन से ही अंतरिक्ष से जुड़ा या फिर किसी एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़ा मूवी देखना बहुत पसंद था हारडी के पापा एक टीवी बनाने वाली कंपनी में वर्कर के रूप में काम करते हैं 

वैसे तो हारडी के पापा की तनखा उतनी है जितने में घर का खर्चा बहुत ऐश्वो आराम से चल जाए। एक बार की बात है हारडी को सिनेमा हॉल गए हुए बहुत दिन बीत चुके थे वह अपने पापा से कहता हैं पापा मेरी फेवरेट मूवी आने वाली है 

आप मुझको सिनेमाघर ले चलो ना हारडी के पापा कहते हैं बेटा कंपनी में बहुत काम है मैं अगले हफ्ते कंपनी से छुट्टी लेकर  मैं तुम्हें सिनेमाघर जरूर ले चलूंगा। हारडी बेसब्री से अगले हफ्ते का इंतजार करने लगता है कुछ दिन ऐसे ही जाते हैं तब जाकर   हारडी के पापा हारडी को शाम के समय सिनेमा हॉल ले गए।

 हारडी को इसी दिन का इंतजार था वह बहुत खुशी के साथ सिनेमा घर पहुंच गया सिनेमाघर पहुंचने के बाद पापा ने दो टिकट खरीदा एक हारडी के लिए और एक अपने लिए और टिकट लेने के बाद दोनों सिनेमा घर के अंदर चले गए कुछ समय बाद हारडी की सबसे फेवरेट मूवी शुरू हुई। 

हारडी बड़े ध्यान से उस मूवी को देखने लगा। मूवी के क्लिप में दिखाया जाता है की एक बच्चा है उस बच्चे का नाम डेव है डेव के दादाजी उसके लिए एक टीवी लाते है  वह डेव से कहते हैं यह टीवी मेरे दोस्त ने तुम्हारे लिए भेजवाया है मैं इस टीवी को यहीं पर लगा देता हूं दादाजी उस टीवी को दीवाल में सेट कर देते हैं डेव कहता है 

दादाजी इस टीवी का रिमोट कहां है रिमोट के बिना टीवी कैसे काम करेगा दादाजी कहते हैं रिमोट तो नहीं है लेकिन मैं बाजार से खरीद लाऊंगा। इस बात को करीबन दो-तीन दिन भी जाते हैं एक बार घर पर कोई नहीं था देव अकेला था देव टीवी को चालू करता है और टीवी चालू करने के बाद एक जगह जाकर बैठ जाता है 

तभी कुछ समय बाद टीवी में नो सिग्नल का साइन आता है डेव जैसे ही टीवी को चेक करने के लिए जाता है तो अचानक से वह टीवी डेव को अपने अंदर की खींच लेती है यह सारा दृश्य हारडी ध्यानपूर्वक देख रहा था 

लेकिन हारडी समझ नहीं पाया आखिर यह हुआ कैसे वह लड़का टीवी के अंदर चला कैसे गया फिर एक जगह मूवी में हारडी देखता है वही लड़का अपने दिमाग से किसी भी चीज को इधर से उधर कर दे रहा है बिना उसको छुए जब वह मूवी खत्म हो गई तो हारडी अपने पापा के साथ घर आ गया वह अपने पापा से पूछता है

 पापा वह लड़का टीवी के अंदर कैसे चला गया क्या यह सच में हो सकता है पापा कहते हैं हां बेटा है ऐसा टीवी तो बन सकता है लेकिन हम लोग उसको बनाने का तरीका नहीं जानते आगे हारडी पूछता है और वह लड़का किसी भी चीज को कंट्रोल कैसे कर रहा था बिना छुए पापा कहते हैं 

उसके बारे में मैं भी नहीं जानता तुम ही सोचो आखिर यह हो कैसें सकता है। हारडी यही सोचने लगता है वह अलग अलग किताबे पर पढ़ता है इंटरनेट पर रिसर्च करता है लेकिन उसको कुछ मजेदार हाथ नहीं लग रहा था एक दिन हारडी यही बात सोच रहा था की किसी भी चीज को कंट्रोल कैसे किया जाए

 बिना छुए यही सोचते सोचते हारडी को नींद आ गई और वह वही पर सो गया तभी उसको एक सपना आता है सपने में वह देखता है बहुत छोटे-छोटे पार्टिकल्स जैसे एटम मॉलिक्यूल आपस में मिलकर एक बड़े वस्तु का निर्माण कर रहे हैं

 उस बड़े वस्तु का केंद्र वह एटम और मॉलिक्यूल है अगर हम किसी तरह से उसके एटम और मॉलिक्यूल को कंट्रोल कर लिए  तो वस्तु अपने आप ही कंट्रोल में हो जाएगी हमें अपना सारा फोकस उस वस्तु पर नहीं हूं बल्कि उस वस्तु के एटम या फिर उसके पार्टिकल पर लगाना होगा जिससे वह बना है जब हारडी की आंखें खुलती है तो उसके एक सवाल का जवाब मिल चुका था लेकिन हारडी सोचता है सबसे पहले मुझे इस को साबित करना होगा सच में ऐसा होता है तब मैं दुनिया को बताऊंगा
































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