यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया है।
सन् 2045, मानव जाति के बर्बादी का समय बोले तो अंत का। क्योंकि अब वह होने जा रहा है जो 1939 से लेकर 1945 के बीच हुआ था वह तो दूसरा विश्व युद्ध था।
लेकिन अब होगा। तीसरा विश्व युद्ध इस युद्ध में या तो पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी या मानवजाति का अस्तित्व ही मिट जाएगा। मैं आपको बता दूं।
दूसरे विश्व युद्ध में दुनिया को वह देखने को मिला था जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। दुनिया आज भी उस नजारे को नहीं भुला पाई है।
6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर दुनिया का पहला परमाणु बम गिराया। ठीक उसके 3 दिन बाद जापान के ही नागासाकी शहर में फिर एक परमाणु बम गिराया दोनों शहर लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुके थे।
दूसरे विश्व युद्ध में उतने एडवांस हथियार भी नहीं थे लेकिन अभी मानव जाति इतनी एडवांस हो चुकी है उसके पास परमाणु बम से भी कई गुना शक्तिशाली हथियार है सोचिए अगर तीसरा विश्व युद्ध हो गया तो क्या होगा। चलिए हम अपनी बातों को शुरू करते हैं।
दौर था 2045 का दुनिया एक सामान्य जिंदगी जी रही थी। इंडिया इस समय टेक्नोलॉजी के मामले में सबसे आगे है और इंडिया के साइंटिस्ट एक ऐसी शिल्ड तैयार करने में लगे हैं मतलब एक सुरक्षा कवच।
जिसका परमाणु बम भी कुछ नहीं बिगाड़ पाए। या फिर इसे भी शक्तिशाली हथियार भी। मैं आपको उसके बारे में कुछ मेन फीचर्स बता देता हूं जैसे मान लो एक परमाणु बम दुश्मन देश भेजता है तो सुरक्षा कवच उसे अपने ऊपर ले लेगा।
लेकिन जैसे ही परमाणु बम उसे टच होगा वह ब्लास्ट नहीं होगा लेकिन 8 से 9 घंटे बाद वह धीरे-धीरे कवच कमजोर हो तो जाएगा।
पर इतने समय में परमाणु बम को खत्म किया जा सकता है। और जैसे ही परमाणु बम थोड़े समय के लिए उससे अलग होगा तो वापस वह कवच उतना ही शक्तिशाली बन जाएगा। पर वह नष्ट नहीं होगा और एक ऐसा ही रॉकेट बनाया है जो किसी भी चीज को चीरते हुए निकल जाएगा लेकिन वह तब तक नहीं रुकेगा। जब तक वह पृथ्वी को ना छोड़ दे। यह हथियार इंडिया ने इसलिए बनाया है। क्योंकि भविष्य में इसकी जरूरत लग सकती है।
अभी हाल ही में चीन के राष्ट्रपति आने वाली है। आप सोच रहे होंगे कि चीन तो दुश्मन था इंडिया का लेकिन दोस्त कैसे बन गया इसके पीछे बहुत लंबी कहानी है मैं कभी और आपको सुनाऊंगा। इंडिया के प्रधानमंत्री उनके सुरक्षा में बहुत कड़ी व्यवस्था की है। उनके सुपर एडवांस रोबोट को उनके सुरक्षा के लिए भेजेंगे। ठीक 2 दिन बाद सिंह सॉन्ग जो चीन के राष्ट्रपति है वह आएंगे। दो दिन बाद मुंबई एयरपोर्ट पर सिंह सॉन्ग उतरते हैं इंडिया के सभी लोग स्वागत करने के लिए तैयार है इंडिया कितना आगे क्यो न बढ़ जाए
लेकिन अपने संस्कारों को नहीं भूलता। हमारे प्रधानमंत्री और सिंह सॉन्ग के आगे पीछे रोबोट तैनात हो जाते हैं और बहुत बड़े-बड़े नेता वहां रहते है। सिंह सॉन्ग को एक बहुत बड़े महल में ले जाया गया। सिंह सॉन्ग के मन में इच्छा जागी कि पूरा इंडिया घूमने का तो वह हमारे प्रधानमंत्री से कहते हैं।
कि हम जिसके लिए आए हैं वह काम बाद में होगा आप मुझे अपने इंडिया के बारे में कुछ बताइए और घुमाइए। ऐसा कौन सा काम था कि जो केवल उन दोनों के बीच में ही है उस काम को और कोई नहीं जानता। अगले दिन उनको मुंबई में हर एक जगह घुमाई गई। जब वह aeroplane में यात्रा कर रहे थे।
तो जो रोबोट है। उनकी सुरक्षा तो कर रहे। लेकिन उनमें से एक रोबोट कुछ अजीब व्यवहार कर रहा था। वह रोबोट सिंह सॉन्ग को एरोप्लेन में से उठा कर फेंक देता है ओ माय गॉड यह क्या हो गया। वह बहुत तेजी से नीचे गिरने लगते हैं सारे रोबोट को बचाने के लिए वह भी नीचे कूद जाते हैं केवल उस रोबोट को छोड़कर।
लेकिन अफसोस वह चीन के राष्ट्रपति सिंह सॉन्ग को नहीं बचा पाए। पूरी दुनिया घबरा गई है क्या हो गया। चीन के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया था। चीन के लोगों के जुबां पर एक ही शब्द था। war, इंडिया समझाता है
सभी देशों को वह हमारा रोबोट नहीं था। अब चीन युद्ध की तैयारी में जुट चुका था इंडिया को भी गुस्सा आ गया वह भी अब अपने सारे हथियार के साथ तैयार था। किसी ने सोचा भी नहीं था इतने समय में इतना कुछ बदल जाएगा।
अमेरिका ने घोषणा कर दिया तीसरे वर्ल्ड वार की। चीन के साथ लगभग बहुत शक्तिशाली देश जुड़े थे लेकिन इंडिया जानबूझकर दूसरे देश की सहायता नहीं मांगी। इंडिया अपने उस हथियार को लाया। जो उसने हाल ही में बनाया था। आखिर उस हथियार का काम आ ही गया इंडिया को
बॉर्डर की आमने सामने दोनों पक्ष खड़े हुए हैं इंडिया के प्रधानमंत्री अभी भी रिक्वेस्ट किए की है कि अगर यह युद्ध हुआ तो संपूर्ण मानव जाति खतरे में आ जाएगी और मैं इस दावे से कह सकता हूं इंडिया ने सिंह सॉन्ग को नहीं मारा।
युद्ध शुरू हो गया दोनों ओर से बमबारी शुरू हो गई। इंडिया ने आपने शिल्ड को बॉर्डर पर चारों ओर लगा लिया। सारे बम बारूद उस shield पर आकर रुक जाते हैं। सारे देश इस shield को देखकर घबरा गए। फिर कुछ समय बाद जितने बम थे इंडिया ने उसकी दिशा की मोड़ दी क्योंकि इंडिया को इसमें बहुत काफी समय मिल जाता था।
देखते ही देखते काफी दिन बीत जाता है लेकिन कोई किसी से कम नहीं था। कुछ दिन के लिए युद्ध को रोका जाता है। इसके आगे युद्ध में क्या हुआ क्या आपको जानना है तो इसके लिए थोडे दिन इंतजार करना होगा।
Comments
Post a Comment
If you any doubts let me know