Hello रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे मतलब sci fi दुनिया में तो चलो शुरू करते हैं आज का डायलॉग। यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया। उम्मीद करता हूं यह story आपको पसंद आएगी।
आपने हमारी एलियन गेम वर्ल्ड part -1 में पढ़ा की। तीन दोस्त थे। जिनका नाम आदितो , किशेन, दिव्यांगों था। वह तीनों गलती से एक भूलभुलैया गेम में फंस जाते हैं उनमें इनको 3 लेवल मिलता हैं पहला लेवल तो वह तीनों पार कर लेते हैं
लेकिन दूसरे लेवल में फंस जाते हैं उन्हें समझ नहीं आता कि कैसे पार किया जाए। फिर वह तीनों अलग-अलग डायरेक्शन में जाने की सोचते हैं वह इसलिए क्योंकि वह देखना चाहते थे की यह भूल भुलैया उसी तरह है जिस तरह हमारे यहां होता है मतलब किसी भी डायरेक्शन से जाओ वापस उस जगह पर आ जाओगे
। तीनों दोस्त अलग-अलग डायरेक्शन में चले गए। लेकिन कुछ समय बाद जब आदितो थक जाता है। तो पीछे मुड़कर देखता है लेकिन वह वही पर था। वहां से हिला तक भी नही। किशेन और दिव्यांगों के साथ भी यही होता है। तीनों एक दूसरे को आवाज देने लगते लेकिन कुछ नहीं होता।
तभी दिव्यांगों सोचता है अब हमारे पास एक ही तरीका है हमें अपनी शक्तियों का उपयोग करना होगा। ऐसा दिव्यांगों ने सोचा। मैं आपको बता दूं। इन तीनों के पास एक ऐसी शक्ति है जो उन्हें बचपन में प्राप्त हुई थी। इनकी एक गलती की वजह से जब यह तीनों एक जंगल की तरफ खेलने जाते हैं
तभी बहुत तेज आंधी और बारिश आने लगती हैं वह तीनों वहां से भागने लगते हैं। तभी एक जोरदार बिजली गिरने की आवाज सुनाई देती है उन तीनों को आदितो जब वहां भाग कर जाता है तो उसे एक बॉक्स दिखाई देती है जो बहुत चमक रही थी। इसी वक्त किशेन और दिव्यांगों भी वहां जाते हैं आदितो जब उस बॉक्स को खोलता है तो उसे तीन तरह की तीन मोतिया दिखाई देती है। यहां तक part-1 था अगर आपने पार्ट वन नहीं पढा तो हमारे फेसबुक पेज पर इसका लिंक है आप पढ़ लीजिएगा।
आइए शुरू करते हैं इस कहानी का पार्ट 2 जब आदितो उस बॉक्स को खोलता है तो उसे तीन प्रकार की तीन मोतिया दिखाई देती है तभी वहां पर किशेन और दिव्यांगों दोनों आ जाते हैं। तीनों एक-एक मोती ले लेते हैं
और अपने लॉकेट में बांध लेते हैं लेकिन कुछ बदलाव नहीं होता है किशेन कहता है अब घर चलो जो भी होगा घर देखा जाएगा। वह तीनों अपने घर की ओर चल देते हैं रास्ते में दिव्यांगों सोचता है मन ही मन बहुत तेज भूख लगी है कुछ बढ़िया खाने को मिल जाए तो मजा आ जाए।
किशेन कहता है सही कह रहे हो हमको भी भूख लगी है और आदितो भी कहता है मुझको भी भूख लगी है अरे यह क्या मेरे मन की बात तुम दोनों को कैसे पता चल गई ऐसा दिव्यांगों कहता है आदितो बोलता है अरे यार तुम सही कह रहे हो जब तुम बोले मन ही मन हमको और किशेन को दोनों सुनाई दी।
मेरे ख्याल से यह जादू इस मोती का है किशेन कहता है हां मुझे भी यही लगता है। दिव्यांगों बोला घर चलते हैं तब पता लगाएंगे कि इसका राज क्या है कुछ समय बाद तीनों घर पहुंच गए। घर जाकर वह तीनों उस मोती को निकाल देते हैं
तब सोचते हैं तो उन्हें कुछ नहीं सुनाई देता इसका मतलब साफ है सारा जादू इस मोती में है। फिर तीनों सोचते हैं यह मोती क्या-क्या कर सकता है। दिव्यांगों कहता है ए मोती मुझे बहुत सारा पिज्जा दे खाने के लिए लेकिन कुछ नहीं होता है
आदितो और किशेन हंसने लगते हैं और बोलते हैं हमारी यहां वह हो रही है और तुझे खाने की पड़ी है अभी हमारा सारा ध्यान इस मोती पर होना चाहिए कि यह मोती क्या-क्या कर सकती है आदित्य बोलता है मेरे पास एक आईडिया है कि यह पता लगाने का इस मोती में क्या जादू है तुम लोग कल सुबह 4:00 बजे मेरे पुराने मकान पर आना।
किशेन कहता है पर क्यों तुम ऐसा क्या करने वाले हो। अरे यार तुम आना तो सही फिर मैं बताऊंगा। ऐसा आदितो कहता है। ठीक है कल मिलते है। ऐसा कह कर वह दोनों चले गए। कल सुबह आदितो के कहे अनुसार किशेन और दिव्यांगों 4 बजे आदितो के पुराने मकान पर चले आये।
आदितो पहले से ही वही पर था। उसने एक ट्रायंगल बनाया है वह दिव्यांगो और किशेन को उस ट्रायंगल के पास लाया। तीनों दोस्त उस ट्रायंगल के तीन कोने पर जाके बैठ गए। ट्रायंगल के बीच में एक कैंडल रखा है जलता हुआ। आदितो कहता है हमें अपना सारा फोकस इस कैंडल पर लगाना है दिव्यांगों कहा ठीक है तीनों बैठकर अपना सारा ध्यान उस कैंडल पर लगा दिया।
कुछ समय बाद वह मोती चमकने लगी और हवा में उड़ गई। तीनों की आंख खुल जाती है और तीनों एक साथ बोलते हैं ए मोती तुम हम तीनो में समा जाओ। वह मोती उन तीनों में समा जाती है और एक अलग शक्ति का उन्हें अनुभव होता है ऐसा लगा मानो उन तीनों में जगत की सारी शक्तियां समा गई हो।
दिव्यांगों कहता है आदितो तुम्हें कैसे मालूम चला की मोती की शक्तियां ऐसे काम करेंगी। आदितो ने कहा बस ऐसे ही। किशेन बोला अब हमारे पास कौन सी शक्ति आ गई। बस दो शक्तियां एक तो पहले से थी। लेकिन इसमें कुछ बदलाव हुआ है अब हम किसी के मन की बात पढ़ सकते हैं
दूसरी शक्ति हम लोग किसी चीज की स्पीड को बहुत धीरे या तेज कर सकते हैं यही शक्तियां तीनों को बचपन में प्राप्त हुई थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से तीनों ने कसम खाई थी। अब वह शक्ति का यूज नहीं करेंगे। जब तक इसकी एकदम जरूरत ना लगे।
चलिए अब हम आते हैं भूलभुलैया गेम में दिव्यांगों वहीं पर बैठ जाता है और सोचता है मन ही मन किशेन और आदितो क्या तुम मुझे सुन पा रहे हो। किशेन और आदितो ने कहा हम लोग तुमको सुन पा रहे हैं। तुम कहां पर हो दिव्यांगों कहता है मैं तो वहीं पर हूं जहां पर पहले था। मैं वहां से हिला तक नहीं ।
आदितो बोला मैं भी तो वही पर हूं। मैं भी वहां से नहीं हिला। तभी किशेन भी बोलता है अरे मेरे साथ भी यही हो रहा है। मैं भी वही पर हूँ। जहां पर पहले था। किशेन बोला समझ रहे हो इसका मतलब क्या है हां समझ रहे हैं इससे कैसे बाहर निकला जाए। ऐसा दिव्यांगों और आदितो कहते हैं यह भूल भुलैया एक ही जैसे हैं
जहां पर जाओगे एक ही जैसा देखने को मिलेगा। इसलिए हमें अपनी दूसरी शक्ति का इस्तेमाल करना होगा। तीनों दोस्त हवा में कुछ मीटर की ऊंचाई तक उड़ जाते हैं वह तीनों एक दूसरे को अब देख सकते हैं। तीनों मन में सोचते हैं किशेन कहता है क्या तुम सब तैयार हो दिव्यांगों और आदितो बोलते हैं हां हम सब तैयार है तो 1 मीटर नीचे आओ अब सारी शक्ति लगाकर इस भूलभुलैया के दीवार को इतना स्लो कर दो।
जिससे यह दीवार 1 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने में 1 साल लग दे। तीनों दोस्त ऐसा ही करते हैं वह तीनों अपनी सारी शक्ति लगा देते हैं जिससे दीवार बहुत स्लो हो जाता है। वह तीनों आसानी से उस दीवार के पार चले जाते हैं इसी के साथ दूसरा लेवल खत्म हो गया। फिर वो तीनो दोस्त एक दूसरे के गले लग जाते हैं और पूछते हैं क्या तुम लोग ठीक हो
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