Hello रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे मतलब sci fi दुनिया में तो चलो शुरू करते हैं आज का डायलॉग। यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया। उम्मीद करता हूं यह story आपको पसंद आएगी।
आपने हमारी magical gun पार्ट 1 की स्टोरी में पढ़ा की एक लड़का है जिसका नाम पार्थ है पार्थ कैसे अपने दादाजी की बनाई हुई gun को ढूंढ रहा है। पार्थ को उसके दादा के लैब से जो मैप मिला है उसके सहारे वह उस रूम में पहुंच तो गया जिसमें मैजिकल gun रखी हुई थी। यहां तक तो पार्ट 1 था आईए शुरू करते हैं इस कहानी का पार्ट 2
पार्थ जब अपने दादा के लैब में जो scecrt रूम था उसमें गया तो उसे एक छोटी सी बंदूक दिखाई दी। पार्थ को लगा यही मैजिकल बंदूक है। वह उसे उठा लेता है और जब एक किताब पर चलाता है तो उस किताब में कुछ बदलाव नहीं होता ना ही बड़ा होता है वह किताब ना ही छोटा होता है
पार्थ समझ गया यह असली बंदूक नहीं है दादा ने केवल गुमराह करने के लिए इस बंदूक को रखा होगा। पार्थ ने ऐसा सोचा वह इधर उधर असली बंदूक को खोजने लगा लेकिन उससे कुछ हाथ नहीं लगा उस रूम में एक शीशा था
वह उसके सामने जाकर बैठ गया ना जाने उसके मन में क्या सुझा वह एक गोली शीशे पर फायर कर देता है गोली की मार से वह शीशा बिखर गया।जैव ही वह शीशा बिखरा उसके पीछे एक बॉक्स दिखाई दी। पार्थ उस बॉक्स को खोलता है तो उसकी खुशी का ठिकाना ना रहा
क्योंकि उस बॉक्स में ही उसके दादा की बनाई मैजिकल बंदूक थी। उस बॉक्स में उसको एक पेपर भी मिलता है उस पेपर में लिखा था मैं जानता हूं यह गन मेरे पार्थ को ही मिलेगा पार्थ यह गन मानव जाति को खत्म भी कर सकती है या आगे भी बढ़ा सकती है अब यह तुम पर निर्भर करता है तुम इसका उपयोग कैसे कर रहे हो इसमें दो बटन है एक लाल रंग का और एक हरा रंग का लाल रंग को दबाकर अगर तुम किसी चीज पर उसका इस्तेमाल करोगे तो इतनी छोटी हो जाएगी किसी को दिखाई नहीं देगा।
अगर तुम हरे रंग को दबाकर किसी चीज पर इस्तेमाल करोगे तो वह चीज बहुत बड़ी हो जाएगी और इस गन में एक और खास बात है वह तुम्हें समय आने पर पता चल जाएगा। मैं आपके कहे अनुसार ही इस बंदूक यूज करूंगा। ऐसा पार्थ ने मन ही मन सोचा कुछ समय बाद पार्थ अपने घर चला आया घर आने के बाद पार्थ की मां ने पूछा तुम इतनी देर कहां गए थे। मम्मी मैं खेलने गया था।
कोई इतनी देर खेलता है चल कुछ खा ले और बैठ कर पढ़ाई कर। पार्थ कुछ खाकर अपने रूम में चला जाता है और उस बंदूक को अपने जेब से निकालता है अभी भी पार्थ के मन में बहुत सारे प्रश्न थे। दादा ने पूरी बात नहीं बताया की यह गन मेरे मन चाहे किसी चीज को बड़ा छोटा नहीं कर सकती। अगर यह बंदूक किसी चीज को बहुत छोटा कर दे तो मुझे दिखाई कैसे देगी इतने सारे प्रश्न पार्थ के मन में थे क्या यह आपके मन में भी थे
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