Hello रोबोटिक बॉय कैसे हो। एक अलग दुनिया में चलोगे मतलब sci fi दुनिया में तो चलो शुरू करते हैं आज का डायलॉग। यह एक साइंस फिक्शन स्टोरी है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है इस स्टोरी को केवल आपके मनोरंजन के लिए बनाया गया। उम्मीद करता हूं यह story आपको पसंद आएगी।
यह कहानी शुरू होती है सन् 1890 में एक लड़के से जिसका नाम पार्थ है पार्थ अभी मात्र 14 साल का है। आज से कुछ साल पहले ही उसके दादा की मृत्यु हो गई थी पार्थ के दादा एक साइंटिस्ट थे जो अपने जीवन में बहुत से मशीनो का अविष्कार किए। पार्थ भी अपने दादा की तरह तेज mind का है। बस उसका math थोड़ा कमजोर है
उसके दादा का एक secret लैब था। जिसके बारे में केवल पार्थ को ही पता था। पार्थ के स्कूल में भी छुट्टी चल रही थी इसलिए वह घर पर ही था। बहुत दिन हो गए थे पार्थ कभी अपने दादा lab नही गया। उसके मन में न जाने क्या सूझा।
वह चल दिया अपने दादा के लैब की ओर लैब में जाने के बाद वहां उसने थोड़ी साफ सफाई की और एक जगह जाकर बैठ गया और अपने दादा की लिखी हुई किताब पढ़ने लगा। थोड़ी देर बुक पढ़ने के बाद वह जाने की सोचता है तभी उसकी नजर एक अलमारी के कोनों में दबी कागज पर पड़ी।
पार्थ उस कागज को उठा लिया। उस कागज पर एक साइन बना था। कुछ ऐसे ☝️ मानो कोई कह रहा हो कि आगे चलो। पार्थ थोड़ा आगे बढ़ता है तो उसे एक मैप मिलता है।
उस मैप में केवल लैब की बनावट थी इसके अलावा वह बिल्कुल खाली था। पार्थ कुछ समझ नहीं पाया। इसलिए वह उस कागज को अपने घर लाया। उसने बहुत कोशिश की लेकिन उस कागज पर कुछ दिख नहीं रहा था। बस लैब के अलावा रात हो गई थी
वह अपने रूम की मोमबत्ती को बुझा कर सो गया। तभी उसने देखा उस कागज में से कुछ रोशनी आ रही थी। पार्थ ने कागज को हाथ में लिया उसमें कुछ लिखा था की मैं जानता हूं यह कागज का टुकड़ा मेरे पोते पार्थ को ही मिलेगा। पार्थ मेरे जाने के बाद रोना मत मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा।
आज मैं तुमको ऐसी सिगरेट बताना चाहता हूं जो मैंने दुनिया से छुपाए रखी मेरे लैब के पिछले दरवाजे पर एक बटन है उसे तीन बार दबाना। जैसे ही तुम उस बटन को दबाओगे तो एक दरवाजा खुलेगा। दरवाजा खुलने के बाद तुम्हें उसमें एक रूम दिखाई देगी। उस रूम के अंदर चले जाना।
रूम में जाने के बाद तुम्हें ठीक सामने एक बंदूक दिखाई देगी। वह बंदूक ऐसी वैसी बंदूक नहीं है। उसे बंदूक की मदद से किसी भी सामान को तुम बड़ा या छोटा कर सकते हो। लेकिन तुम इस बंदूक का गलत इस्तेमाल मत करना।
उस बंदूक के बारे में किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए। अगर यह बंदूक गलत हाथों में लग गया तो मुसीबत आ जाएगी। पार्थ अब सुबह होने का इंतजार कर रहा था। इसलिए वह जाकर अच्छे से सो गया। जब सुबह हुआ पार्थ जल्दी से उठा और लैब की ओर भागने ही वाला था कि तभी उसकी मम्मी ने रोक लिया पूछा कि तुम कहां जा रहे हो पार्थ ने जवाब दिया कि मम्मी मैं खेलने जा रहा हूं।
मम्मी ने कहा ठीक है लेकिन जल्दी आना पार्थ जल्दी से लैब की ओर भाग रहा था। कुछ समय बाद वह लैब तक पहुंच गया। उसने लैब को खोला और लैब के पिछले दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया। उसने बहुत ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कहीं बटन दिख नहीं रहा था। उसे विश्वास था कि उसके दादा उससे झूठ नहीं बोल सकते हैं
पार्थ मायूस हो गया और दरवाजे पर अपने पैर से मारने लगा जैसे उसने ऐसा किया तो एक लाइट की छोटी सी ray दरवाजे पर आके टकराई और जहां reflect हुई तो वहीं पर एक लाल color का बटन दिखाई देने लगा। पार्थ बहुत खुश हो गया। वह उस बटन को तीन बार दबाया तो है दरवाजा खुल गया।
पार्थ उस दरवाजे के अंदर गया तो उसने देखा एक छोटी सी बंदूक वहां पर रखी हुई थी। पार्थ ने उस बंदूक को उठा लिया। उसने सोचा कि क्या यह सच में काम करता है तो वह एक छोटी सी चीज पर बंदूक को चलाता है लेकिन कुछ नहीं हुआ। उस वस्तु में कोई बदलाव नहीं हुआ। पार्थ समझ गया की असली बंदूक कहीं और रखी गई है यह तो मेरे दादा ने लोगों को गुमराह करने के लिए रखी थी। अब आप ही बताओ अगर वह कागज दूसरे लोगों को मिल जाता तो ये मुसीबत हो जाती न इसके आगे क्या हुआ मैं आपके लिए जल्दी लेकर आऊंगा
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