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Sci fi on Galileo

 यह sci fi story है इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है आज से लगभग 600 साल पहले एक इटालियन नामक देश के एक छोटे से शहर में जिसका नाम रोंजन बर्ग था एक बच्चे का जन्म हुआ। जिसका नाम गैलीलियो था धीरे-धीरे समय बीतता गया और गैलीलियो बड़ा हो गया। गैलीलियो जब दस साल का था तब वह एक



Galileo 


छोटे से स्कूल में पढ़ता था अपने स्कूल के दिनों में उसका सारा ध्यान गणित और विज्ञान के साथ आसमान में हो रही घटनाओं पर भी था लेकिन उस समय केवल बाइबल में लिखी बातें ही सच मानी जाती  थी। उस समय भी लोग यही मानते थे कि पृथ्वी चपटी है और वह 








संसार का केंद्र बिंदु है सूर्य और अन्य तारे की उसकी परिक्रमा करते हैं और जो भी बाइबल में लिखी बातों को जो न कारेगा उसे मौत की सजा या फिर जेल हो जाएगी इसलिए लोग विज्ञान पर विश्वास नहीं करते थे। 1 दिन की बात है जब गैलीलियो अपने छत पर थे तो वह देखें कि आसमान से एक बड़ा सा चीज नीचे आ रहा है जब धरती पर गिरता है तो एक बहुत बड़ा धमाका होता है गैलीलियो जल्दी से जाकर देखते हैं तो एक बहुत बड़ा सा पत्थर था लेकिन इस समय



उसको हम लोग asteroid कहते हैं देखते ही देखते बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गए लोग तो यह कहने लगे कि हमारे भगवान गुस्सा हो गए हैं हमसे इसीलिए यह विपदा आई है गैलीलियो एक छोटा सा उसमें का भाग उठाकर अपने साथ ले ले कर भाग जाते हैं और उसे एक 

संदूक में बंद करके रख देते हैं समय बीतता गया और गैलीलियो लगभग 25 साल के हो गए। तो लोगों से बोले कि पृथ्वी गोल है चपटी नहीं है और सूर्य  केंद्र बिंदु है ब्रह्मांड का और सारे ग्रह इस के चक्कर लगाते हैं इसके लिए गैलीलियो को कितनी बार जेल भेजा गया वह अपने जीवन काल में विज्ञान के लिए बहुत पीड़ा सहे। गैलीलियो ने एक ऐसा यंत्र बनाया था जिसका नाम अपने नाम पर ही गैलियम रखे थे 

आपको उस संदूक वाली बात याद है न जिसमें गैलीलियो ने  उस चीज को रखे थे गैलीलियो इस दिन बहुत खुश थे क्योंकि गैलीलियो उस चीज पर अपने यंत्र द्वारा रिसर्च करेंगे वह उस संदूक को खोलते हैं और उस चीज को बाहर निकालते हैं और यंत्र के नीचे  रखते हैं और वह उसको scan करता हैं और इसमें उनको पता चलता है कि इसमें अलग-अलग केमिकल है मिनरल्स है यह किसी भगवान ने नहीं गिराया है

 उसी समय उनके पास एक आदमी आता है और कहता है की हालैंड में एक telescope बना है जिसको दूरदर्शी कहते हैं इसका उपयोग दूर-दूर की चीजें देखने में होता है गैलीलियो सोंचने अगर वह दूरदर्शी यंत्र मुझे मिल जाए मैं यह सबको बता दूंगा पृथ्वी चपटी नहीं है 

लेकिन हालैंड में इतना दूर था कि गैलीलियो चाह कर भी उस टेलिस्कोप को नहीं मंगा सकते तो गैलीलियो ने  सोचा क्यो न मैं अपना telescope बनाऊ। वह एक चश्मे की दुकान पर गए और दो तीन लेन्स ले लिए और टेलिस्कोप बनाने का सारा सामान भी खरीद लिए। रास्ते में जाते हो वक्त उनको एक पुस्तक की दुकान दिखाई दिए इसमें कोई नहीं था तो वह जाकर कोई किताब ढूंढने लगे 

उन्हें किताब मिलती है जिस पर एक मशीन बनी हुई थी गैलीलियो पैसा वही रख दिए और उस किताब को लेकर साथ चले आए। जब वह घर आए तो उस किताब को पढ़ने लगे उसमें लिखा था एक दूरदर्शी यंत्र बनाने का तरीका। गैलीलियो ने उस किताब को पढ़ा और 



Telescope of Galileo 


एक telescope बना दिया। जोकि हालैंड टेलिस्कोप से 10 गुना अच्छा था। सबसे पहले उस टेलीस्कोप द्वारा उन्होंने जूपिटर को देखा और उसके चार natural सेटेलाइट को देखा यह दिन गैलीलियो की जिंदगी का सबसे बड़ा दिन था। गैलीलियो  ने अपनी सारी जिंदगी विज्ञान के नाम कर दी फिर भी उन्हें अपने समय काल में कोई बढ़ावा नहीं मिला। फिर कभी मिलेंगे एक नई sci fi story के साथ। 













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