गेम आज की दुनिया का सबसे मनोरंजन का चीज.मेरे ख्याल से आज के समय में हर किसी के मोबाइल में गेम्स जरूर है।आप तो जानते ही होंगे कि पब्जी और फ्री फायर इस समय का सबसे फेमस गेम!मुझे लगता है आप कोई न कोई गेम जरूर खेलते सकते हो?चलिए आज इसी प्लेटफार्म पर एक गेम खेलते हैं. गेम बहुत आसान है।चलिए चलते हैं एक गेम वर्ल्ड में जिसमें केवल गेम ही गेम।लेकिन मैं यह भी बता दूं। इसमें आपका मन चाहे गेम्स मिल सकता है।लेकिन इस गेम वर्ल्ड में कुछ शर्तें भी है।आपको तीन बार गेम खेलना है जो आपने पसंद किया है कम से कम आप को दो गेम जीतना ही जीतना।लेकिन चिंता मत कीजिए, इस पर आपको इनाम भी मिलेगा जीतने पर!जब आप इस गेम को दो बार जीत जाओगे तो आपको एक पावर भी मिलेगी।वह पावर ऐसी वैसी नही होगी। इस पावर के मदद से आप किसी भी गेम को अपने कंट्रोल में कर सकती हैं।इसके बाद आप इस गेमवर्ल्ड से बाहर निकल जाओगे।आपको लगा है यह गेम तो बहुत आसान है।असल में वह सब कुछ है ही नहीं क्योंकि वह बात आप जानते हैं जैसा दिखता है वैसा होता नहीं, जो होता है वह दिखता नहीं।बिल्कुल ऐसा ही गेमवर्ल्ड है।खा गए ना धोखा?चिंता मत कीजिए, बस एक कहानी है यह।अच्छा सोचिए, अगर आप 1 दिन रियल गेम वर्ल्ड में जाएंगे तो क्या होगा?अपने दिमाग को इतना तेज रखें कि आने वाले समय में बिल्कुल दिक्कत ना हो, किसी भी काम के लिए।और मैं यही कहना चाहूंगा कि मोबाइल में गेम खेलना बुरी बात नहीं है लेकिन हर चीज की एक लिमिट है इसीलिए मैं कहना चाहूंगा। आप मोबाइल में गेम कम खेलने अपने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दें।क्योंकि आप यह भी बात जानते हैं कि मोबाइल में गेम बनाने के लिए पढ़ना बहुत जरूरी है।गेम्स खेलना तो बहुत आसान है लेकिन बनाना उतना ही कठिन!
चंद्रशेखर आज़ाद उपलब्धियां जन्म: 23 जुलाई, 1906 निधन: 27 फरवरी, 1931 भारतीय क्रन्तिकारी, काकोरी ट्रेन डकैती (1926), वाइसराय की ट्रैन को उड़ाने का प्रयास (1926), लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सॉन्डर्स पर गोलीबारी की (1928), भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर हिंदुस्तान समाजवादी प्रजातंत्रसभा का गठन कियाचंद्रशेखर आज़ाद एक महान भारतीय क्रन्तिकारी थे। उनकी उग्र देशभक्ति और साहस ने उनकी पीढ़ी के लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में भागलेने के लिए प्रेरित किया। चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह के सलाहकार, और एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और भगत सिंह के साथ उन्हें भारत के सबसे महान क्रांतिकारियों में से एक माना जाता है।प्रारंभिक जीवन चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के बदर गाँव में हुआ था। उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी और माता जगरानी थीं। पंडित सीताराम तिवारी तत्कालीन अलीराजपुर की रियासत में सेवारत थे (वर्तमान में मध्य प्रदेश में स्थित है) और चंद्रशेखर आज़ाद का बचपन भावरा गाँव में बीता। उनकी माता जगरानी देवी की जिद के कारण चंद्रशेखर आज़ाद को काशी विद्य...

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